यह कसीदा सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने ईदुल फितर १४४० हि. के मौके पर तस्नीफ फ़रमाया है। यह कसीदा अंग्रेज़ी और लिसानुद दावत के तर्जुमे और ऑडियो के साथ पेश करते है।