लैलतुल कदर हज़ार महीनों से ज़्यादा खैर है। इसलिए इस रात की एक एक घड़ी हमे  अल्लाह की बंदगी में गुज़ारनी चाहिए। मगरिब के वक़्त से लेकर फ़जर तक मुमिनीन तमाम रात नमाज़, दोआ, कुरआने मजीद की तिलावत और तस्बीह में गुज़ारे। नमाज़ को निहायत खुज़ु और खुशु के साथ (लौह लगाकर) पढ़े । बच्चों को भी फ़जर तक जगाएँ। जिन बच्चों को नमाज़ पढनी न आती हो उन्हें मौलातोना फातेमा की तस्बीह कराएँ और लैलतुल कदर के दिन (२३ वि तारिख) का रोज़ा कराएँ।


वक्त की तखमीन

ईशा की नमाज़ शुरू करने का समय तय करते हुए यह खयाल रखे कि नमाज़े ईशा, वशेक की नमाज़, हाज़ेहिस सलात (गाल लोटाना), दोआ और वसीला के बाद निस्फुल लैल की नमाज़ का वक्त बाक़ी हो। यह सब पढने मे तकरीबन २:३० घंटे होते है।

अगर किसी वजह से देर हो जाए और लगे कि वसीला सुनने में निस्फुल लैल वक्त गुज़र जाएगा तो पहले इस्तिफ्ताह और निस्फुल लैल कि नमाज़े पढ ले और वसीला बाद में सुने।

इस फ़हरिस्त मे कुछ ऐसी नमाज़े है जो लैलतुल कदर मे ज़रुर पढनी ही चाहिए। मौसम के मुताबिक रात लम्बी या छोटी होती है। तो हो सके उतनी ज़्यादा नमाज़, सलाम और दोआ पढ़े, लेकिन अगर वक़्त कम हो तो जिन नमाज़ों पर “” यह निशान किया गया है वह नमाज़े ज़रूर पढ़े।

यह खयाल रखे कि शफा की नमाज़ के बाद सेहरी करने के लिए भी वक्त बाकी हो।


बिहोरी की दोआओं की ऑडियो

बिहोरी की नमाज़ों के लिए नियत और दोआओं की ऑडियो रिकोर्डिंग Bihori पर पेश की गई है।

कुछ सलाम की मुख़्तसर दोआओं या मुनाजात की रिकोर्डिंग पेश की गई है। अगर वक्त कम हो तो यह सलाम पढ़कर यह दोआएँ या मुनाजात पढ़ी जा सकती है।


लैलतुल कदर मे नमाज़ और अहया उल लैल में नमाज़ की तखमीन

lqimage मगरिब की नमाज़ – फरज़ और सुन्नत
  • इफ्तार – खाना
 lqimageईशा अल आखेरत की नमाज़
  • ईशा की नमाज़ पढने से पहले बुलंद आवाज़ से अज़ान दे, ईशा का सुन्नत पढ़े और फिर इक़ामत देकर फरज़ पढ़े और बाद में नाफेलत पढ़े।
 lqimageलैलतुल कदर का वशेक (बिहोरी की हफ्ती भाग जुज़ २ – पन्ना क्र. २)
  • २० रकअत वशेक की नमाज़, हर रकअत मे अल हम्द की सूरत एक बार और इन्ना अन्ज़ल्नाहो की सूरत एक बार।

    • नीयत
    उसल्ली सलात़ा हाज़ेहिल लैलतिल मुबराकतिश शरीफते लैलतिल क़दरे इशरीना रकअतन लिल्लाह
  • हाज़ेहिस सलात (गाल लोटाना) –
    गाल लोटाकर ४० बार यह तस्बीह करे (दाहिना गाल लोटाकर ४० बार, और बायाँ गाल लोटाकर ४० बार):
    हाज़ेहिस सलात हदियतुन मिन्नी इलैक या मौलाना मोहम्मदो व इलैके या मौलातना फातेमा, तकब्बलूहा मिन्नी व ज़ाएफूली बेहल अदआफल जज़ीला
  • वशेक की दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. ३)

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lqimageवसीला
 सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. वसीला (वसीले का रीले १२:१५ – १२: बजे के आसपास शुरू होगा। वशेक की दोआ भी रीले की जाएगी।)

 

 lqimage इस्तीफ्ताह की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
  • अगर निस्फुल लैल कज़ा हो जाने की फ़िक्र हो तो इस्तीफ्ताह की नमाज़ पढने के बाद बाद निस्फुल लैल की २ रकअत नमाज़ पढ़ ले और उसके बाद इस्तीफ्ताह की दुआ और निस्फुल लैल की दुआ साथ में पढ़े ।
    उसल्ली सलातल इस्तीफ्ताह रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. २)
 lqimage निस्फुल लैल की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलाता निस्फुल लैले रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. १२)

मुमिनीन को कॉफ़ी के लिए वक्फा

कसीदा “आलो ताहा मनाबेउल बरकाती” की तिलावत

 

  तहमीद की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातत तहमीदे लिल्लाहे तआला रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. १३)
 lqimage वसाइल लैलतुल कदर – ५ सलाम (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. १३४)
  • सलाम १.
    • नीयत
      उसल्ली सलातत तवस्सुले इलल्लाहे बे मोहम्मदिन रसूलिल्लाहे व अलीयीन वलीयील्लाहे रकअतैने लिल्लाह
    • आयत
    • दोआ
  • सलाम २
    • नीयत
      उसल्ली सलातत तवस्सुले इलल्लाहे बे मौलातेना फातेमतुज़ ज़हराए रकअतैने लिल्लाह
    • आयत
    • दोआ
  • सलाम ३
    • नीयत
      उसल्ली सलातत तवस्सुले इलल्लाहे बिल अइम्मतिल फातेमियीन रकअतैने लिल्लाह
    • आयत
    • दोआ
  • सलाम ४ 
    • नीयत
      उसल्ली सलातत तवस्सुले इलल्लाहे बिल इमामित तैयेबे व वलदेही इमामिज़ ज़माने तैयेबिल असरे रकअतैने लिल्लाह
    • आयत
    • दोआ
  • सलाम ५
    • नीयत
      उसल्ली सलातत तवस्सुले इलल्लाहे बे दुआतिस सतरे रकअतैने लिल्लाह
    • आयत
    • दोआ
       
 lqimage तवस्सुल सैयदना ताहेर सैफुद्दीन, सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन – नमाज़ और कसीदा मुबारक

उसल्ली सलातस सलवाते अला दाईल अइम्मतिल फातेमियीन सैयदना ताहेरिन सैफिद्दीन व दाईल अइम्मतिल फातेमियीन सैयदना मोहम्मदिन बुरहानिद्दीन व तवस्सोले बेहेमा इलल्लाहे तआला रकअतैने लिल्लाह
  • सैयदना ताहेर सैफुद्दीन (री.अ.) की मुनाजात मुबारक "अदउक अल्लाहुम्मा या ज़ल-जलाल" की तिलावत करे (पी.डी.एफ़.)
  • सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (री.अ.) का कसीदा मुबारक  "या तैयेबल असरे मलाज़ल इबाद" की तिलावत करे (पी.डी.एफ़.)
 lqimage तवस्सुल सैयदना खुज़ैमा कुतबुद्दीन (री.अ.) – नमाज़ और मुनाजात

उसल्ली सलातस सलवाते अला दाईल अइम्मतिल फातेमियीन सैयदना खुज़ैमा कुत्बिद्दीन वत तवस्सोले बेही इलल्लाहे तआला रकअतैने लिल्लाह
  • सैयदना खुज़ैमा क़ुतबुद्दीन (री.अ.) की मुनाजात मुबारक "उनाजीका अल्लाहुम्मा रब्बल बरीयाती" की तिलावत करे (पी.डी.एफ़.)
 lqimage दाई अल ज़मान सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. के हक में दोआ और  lqimage सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. की साल १४४० हि./२०१९ की मुनाजात
उसल्ली सलातस सलवाते वद दोआए ले दाईल असरे वल हीन सैयदना ताहेरिन फखरिद्दीन रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. २६)
  • सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. की इस साल सन १४४० हि./२०१९ की मुनाजात मुबारक "सअल्तोक रब्बी व अंतल करीबु" की तिलावत करें। मुनाजात की ई-बुक और पी.डी.एफ लिसानुद दावत, अंग्रेज़ी, हिंदी और गुजराती तरजुमे के साथ पेश की गई है और उसके साथ मुनाजात की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी पेश की गई है (रिकॉर्डिंग जल्द अपलोड की जाएगी)। 
  • इस मुनाजात की तिलावत और फेहवा के बयान का रीले दारुस सकीना, मुंबई से तकरीबन २:१५ बजे (भारतीय समय अनुसार) शुरू होगा। यदि किसी कारण देर हो जाए तो मुमिनीन शफा के वक़्त से पहले यह मुनाजात पढले और फिर फ़ौरन यह बयान सुने।.

 lqimage तहज्जुद की नमाज़ और दोआ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातत तहज्जुदे इस्नतै अशरता रकअतन लिल्लाह, ६ सलाम पढ़े, चढ़ती सूरत
  • हर सलाम के दरमियान पढने की दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र ५५)
 lqimage लैलतुल कदर के वदा की नमाज़
उसल्ली सलातन लेवदाए लैलतिल कदरे रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. ५१)
 lqimageतैसीरे उमूरिल मुमिनीन – मुमिनीन के उमूर मे आसानी के लिए नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले तैसीरे उमूरिल मुमिनीन व क़ज़ाए हवाएजेहीम रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. २०८)
 lqimage वेहशतुल क़ुबूर की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले वह्शतिल कुबूरे रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. ७०)
दीन और दुनिया में बरकत तलब करने के लिए - नमाज़ (सैयदना त.उ.श. के इरशाद मुताबिक यह सलाम और दोआ लैलतुल कदर १४४० हि. में शाए की गई है)
उसल्ली सलातन लेतलबिल बरकते फिद-दीने वद-दुनिया रकअतैने लिल्लाह
वालेदैन (माँ बाप) के लिए दोआ की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातद दोआए लिल वालेदैने रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. ४२)
फ़रज़न्दों की हिफाज़त और लम्बी उम्र के लिए दोआ की नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले बकाइल अवलादे रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग २ – पन्ना क्र. ४४)
गुनाहों की मग्फेरत के लिए नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले मग्फेरतिज़ ज़ुनूबे रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. ३०) – अगर समय कम हो तो सिर्फ मुनाजात भी पढ़ी जा सकती है।
रोज़ा और नमाज़ की क़बूलियत के लिए नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले क़बूलिस सलाते वस सियामे रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. ९९)
रिज़्क – रोज़ी तलब करने के लिए दोआ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले तलबिर रिज़्किल वासेए रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. ८३)
सेहत आफ़ीयत के लिए नमाज़ - नीयत और दोआ की ऑडियो रिकोर्डिंग बिहोरी के सेक्शन मे उपलब्ध है.
उसल्ली सलातन ले तलबिल आफ़ियते रकअतैने लिल्लाह
  • दोआ (हफ्ती भाग १ – पन्ना क्र. ८७)
 lqimageशफ़ा वतर और जुलुस की नमाज़ (हफ्ती १ – पन्ना क्र. १०२)
  • नोट: यह नमाज़ सबसे आखिर में पढ़े। शफा की नमाज़ के बाद फजेर की नमाज़ तक कोई भी नमाज़ नहीं पढ़ी जा सकती।
  • शफा की नमाज़ का विवरण बिहोरी की हफ्ती में मौजूद है और उसकी ऑडियो बिहोरी के सेक्शन में उपलब्ध है।

सेहरी

सना (यदि फ़जर की नमाज़ के लिए वक़्त बाक़ी हो तो सना की ऑडियो सुनी जा सकती है – ऑडियो बिहोरी के सेकशन में है)

 lqimage फ़जर का सुन्नत और फ़रज़
  • इमाम अली ज़ैनुल आबेदीन की दोआ – (सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. की ऑडियो पेश की गई है)
  • रोज़े की नियत
    اللهم اني نويتُ انْ اصومَ صومَ اليوم الثَّالِثِ والعِشرين من شهرِ رمضانَ المعظم أداء لله انشاء الله تعالى

    अल्लाहुम्मा इन्नी नवैतो अन असूमा सौमल यौमिस सालिसे वल इश्रीना मिन शहरे रमज़ानुल मोअज़्ज़म अदाअन लिल्लाहे इन्शाअल्लाहो तआला


 وآخر دعوانا ان الحمد لله رب العالمين

END