मुमिनीन यह अमल करे:

  • सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. का वसीला सुने.
  • मुमिनीन वह सिजिल्ल का लेख पढ़ सकते है जिसमें शब्बरातकी अहम्मियत और थम वशेक की माना की ज़िक्र है. वह लेख शेहज़ादा डॉ. अज़ीज़ भाईसाहेब ने लिखा है.