सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. के दुसरे उर्स मुबारक के मौके पर एक मरसिया पेश करते है जिसमे कुत्बुद्दीन मौला के वफात की ज़िक्र है और आप के वफात के बाद आप के वारिस  सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. ने मुमिनीन को संभाला और दावत काइम की उसकी ज़िक्र है । मर्सिये की ऑडियो सैयदना कुत्बुद्दीन की तस्वीरों के साथ पेश की गई है और कुत्बुद्दीन मौला के वफात और जनाज़ा मुबारका के फोटोग्राफ भी है ।

ये मरसिया एक नौजवान मुमिनीन मुखलिस हुसैन मुल्ला सैफुद्दीन आरसीवाला ने लिख कर अर्ज़ किया है।

खुदा तआला हमे तौफीक अत़ा करें कि कुत्बुद्दीन मौला की याद हम जिंदा करते रहे। यह किस तरह से, कि आप की इकतेदा कर के, आप के नक़्शे कदम पर चल कर आप मौला का शुकुर करते रहे, हक्क पर साबित कदम रहे। आप के वारिस की खिदमत बजाएँ। ता के जिस बात की कुत्बुद्दीन मौला ने बिशारत दी है, आप के जाँनशीन की फ़तहे मुबीन का जशन मनाए। जो उम्मीद सैयदना कुत्बुद्दीन को हम सब में थी उस तरह सैयदना फखरुद्दीन के साए में अमल करते रहे। इस दुनिया में कुत्बुद्दीन मौला का साथ नसीब हुआ, आखेरत में भी उनके साया में खुदा हमें बसांये।