सैयदी मुकासिर साहेब ने सुरतुल असर के पाँच वजेह बयान फरमाएँ और फ़रमाया कि सायंस में हम, जो हमें नज़र आता હૈ उससे जो हमारी नज़रों से ग़ायब है उसके बारे में  दलालत लेते है. जैसे ग्रेविटी. उसी तरह दीन के अंदर हुदात किराम दलील पेश करके बयान फरमाते है. सैयदी मुकासिर साहेब ने दीन और हक्क के लिए वाज़ेह हुज्जतें पेश की. मुमिनीन आपके बयान की शान देखकर और आपकी हुज्जतें सुनकर हैरत में थे और यह बयान करने के लिए शुक्र गुज़ार थे.