بسم الله الرحمن الرحيم

يا أيها الطيب والطاهر * يا من سناه في الورى زاهر

(سيدنا طاهر سيف الدين)

(सैयदना ताहेर सैफुद्दीन)

ए तय्यिब ए ताहेर, ए वह साहेब जिनका नूर लोगों के दरमियान चमक रहा है.

 

रबीउल आखर का महिना मीलाद का महिना है: इमामुज़ ज़मान की मीलाद चौथी तारीख, और ३ दोआत, ५२ वे दाई, ५३ वे दाई और ५४ वे दाई – दाईज़ ज़मान (त.उ.श.) की मीलाद इस मुबारक महीने में आती है. (२० वी, २९ वी और २६ वी रबीउल आखर). इस महीनें में शुरू से आखिर तक बरकात के बारिश बरसते है. 

२ साल पहले, सैयदना कुत्बुद्दीन (री.अ.) ने आपके मीलाद के अवसर पर बेकर्सफिल्ड केलिफोर्निया में आखिरी बयान फरमाया. बयान की ऑडियो रिकोर्डिंग fatemidawat.com पर उपलब्ध की गई थी. उस बयान में आपने फरमाया कि आप मौला की ७९ वी सालगिराह है और मुमेनीन के लिए बहुत दुआएँ फरमाई. उसके बाद आपने फरमाया कि “ अल-वलद उल अगर (मेरे सबसे रोशन फरजंद) ताहेर, उसकी विलादत भी इसी महीने की २६ वी तारिख है. दोनों दाई के मीलाद के दरमियान. ५२ वे दाई और ५३ वे दाई. दोनों बरकत मिली. में इस मसर्रत को भी मनाता हूँ.” 

आज, हम सैयदना कुत्बुद्दीन (री.अ.) के अल्फाज़ और इशारात की हकीकतन माना (अर्थ) समझ रहे है. ऐसे जुमले बयान फरमाकर आप मौला केवल अपने शेहज़ादे की विलादत की ख़ुशी ज़ाहिर नहीं फरमा रहे थे. आपकी जो नज़रात आपके वारिस पर थी वह ज़ाहिर कर रहे थे. आप अपने वारिस के मकामे आली की तरफ इशारा कर रहे थे और ५२ वे और ५३ वे दाई के मीलाद की और उनके शख्सियत की जो बरकात आपके शेहज़ादे और वारिस सैयदना ताहेर फखरुद्दीन में जमा हुई है उसकी ओर इशारा कर रहे छे. 

इस साल, २ मीलाद के दरमियान हम सैयदना फखरुद्दीन आका की ५२ वी मीलाद मनाते है और ५२ वे व ५३ वे दाई के एहसानात व शानात को याद करते है. हम शुकुर करते हुए यह ख़ुशी मनाते है कि वे दोनों मौला के वारिस हमारे दरमियान मौजूद है. इस साल हम मौला कि ५२ वी सालगिराह मनाते है और दुआ करते है कि हम, हमारे फरजंद और हमारे फ़रज़न्दों के फरजंद एक दिन मौला की १०० वी मीलाद मनाए. तमाम दोआत मुत्लकीन की बरकात, खास तौर से ५२ वे और ५३ वे दाई की बरकात उनके वारिस ५४ वे अल-दाई अल-मुत्लक सैयदना ताहेर फखरुद्दीन (त.उ.श.) के ज़रिये से हमेशा हमारी ओर जारी रहे.    

सैयदना (त.उ.श.) के मीलाद की ख़ुशी मनाते हुए यह भी दुआ करते है कि खुदा तआला हमें जल्द ही सैयदना की फतहे मुबीन की ख़ुशी मनाना नसीब करे. आमीन.