रजब के मुबारक महीने में, जो मौलाना अली स.अ. की विलादत का मुबारक महीना है, हम याकूततो दावतिल हक्क शेह्ज़ादी डॉ. बज़त ताहेरा बाईसाहेबा का एक लेख पेश करते है. इस लेख में आपने अमीरुल मुमिनीन स. अ. के दो ख़ुत्बों की मआना का ज़िकर किया है. ख़ास तौर से इस लेख में आपने खुदा की तक़वा और भलाई की ज़िकर की तफ़्सीर की है. यह लेख एक किताब में प्रकाशित हुआ है जिसमें नेकी और भलाई के बारे में दूसरे कई मशहूर प्रोफेसरों के लेख मौजूद है. किताब का शीर्षक है:

Self Transcendence and Virtue: Perspectives from Philosophy Psychology, and Theology