शुक्रवार, २४वि मार्च,२०१७ के रोज, इतिहास मे शायद पहली बार, सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने एक पत्रकार परिषद् मे शिरकत कर  के कई नामी गिरामी अखबारों के संवाददाताओ से मुलाकात की। सैयदना फखरुद्दीन की उपस्थिति और आप के साथ हुइ गुफ्तगू से आप के यकीन, उमदा और स्पष्ट विचार, चरित्र का तेज, क्षमता, योग्यता और व्यक्तित्व का सब के दिल पर गहरा असर मालूम हुआ।

परिषद् की शुरुआत डॉ। फेहमिदा चिपटी के परिचय से हुइ, जिन्होंने फिर अन्य वक्ताओ को आमंत्रित किया। डॉ. फेहमिदा खुद वेलेज़ली कोलेज और मेसेच्युसेट्स यूनिवर्सिटी की स्नातक है और २० वर्षो से पाचनतंत्र की विशेषज्ञ है, बोस्टन शेहर में फातेमी दावत की मसूल है । डॉ. फेहमिदा बहन ने मि. आनंद देसाई का परिचय कराया जो सैयदना फखरुद्दीन के हाई कोर्ट केस में सोलिसिटर है और डी.एस.के. लीगल नामक मशहूर सोलिसिटर फर्म के स्थापक है । डी.एस.के. लीगल फर्म के १३ पार्टनर सोलिसिटर है, ६ एसोसियेट पार्टनर है, औए १०० से ज़्यादा एडवोकेट है, मुंबई के अलावा पुणे और नयी दिल्ही मे भी इनके दफ्तर है । मि. देसाई ने बम्बई हाई कोर्ट में चल रहे सैयदना के उत्तराधिकार केस के प्रमुख मुद्दों का सारांश प्रस्तुत किया, केस हाल में किस तबक्के पर है और सैयदना क़ुतबुद्दीन ने सैयदना बुरहानुद्दीन द्वारा की गयी नस्स के मुताल्लिक कोर्ट में कौन से सुबूत पेश किये है, उसके मुताल्लिक सवालों के उत्तर दिये ।

मि. देसाई के निवेदन के बाद डॉ। फेहमिदा ने सैयदना फखरुद्दीन साहब का हाज़रीन को परिचय करवाया । दीन और दुनिया में सैयदना की बेमिसाल सिद्धिओं का उल्लेख किया और सैयदना की शफ़कत से भरी राहनुमाई और मुमिनीन के भविष्य के खातिर आप के प्रशंसनीय प्रयत्नों के प्रति आभार व्यक्त किया, खासकर सैयदना क़ुतबुद्दीन के वफ़ात के बाद के दिनों में।

सैयदना फखरुद्दीन ने करीब १५ मिनट बयान में दाउदी बोहरा कौम के इतिहास में दोआत के सिलसिले के मोहकम निजाम की ज़िक्र फरमाई, खासकर जो सैयदना ताहेर सैफुद्दीन रि.अ., सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. और सैयदना खुज़ैमा क़ुतबुद्दीन रि.अ. के समय में आप साहिबो ने  दूरंदेशी और लगन से कौम की राहबरी की। सैयदना ने फरमाया के उनका लक्ष्य “कौम को केवल ज़माने के साथ रखना नहीं बलके कौम को ज़माने से आगे रखना है”। सैयदना ने फरमाया कि मज़हब सिर्फ इबादत तक महदूद नहीं, इबादत के साथ दुनिया और आखेरत में मुमिनीन अपने में छिपी काबेलियत और कुव्वत को कैसे सिद्ध कर सके और साथ ही अपने समाज के प्रति खुद की जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से कैसे निभाये, खासकर जो ज़रूरतमंद है, यह दीन का बड़ा मकसद है । सैयदना फखरुद्दीन ने समुदाय की प्रगति के लिये अपने द्रष्टिकोण को समझाते हुए फरमाया के उच्च शिक्षण के मामले में महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर मिलने चाहिए, दावत के प्रबंध में जवाबदेही और पारदर्शिता लाना और समाज में प्राधान्य दौलत और शोहरत से ज़्यादा तक्वा (निष्ठा) और खैर (भलाई) को देना है । बाद में सैयदना ने कौम के भविष्य, खफ्ज़, और कोर्ट केस से जुड़े सवालों के उत्तर दिये ।

A large number of print and digital media outlets reported on the press meet including Times of India, DNA, Free Press Journal, Mid-Day, India Today, Business Standard, the Hindu, Asian Age among others. A selection of the articles are published on FatemiDawat.com.

प्रिंट और डिजिटल मिडिया के प्रसिद्द संस्थानों ने इस मीटिंग के समाचार को प्रसारित किया जिस में टाइम्स ऑफ़ इंडिया, डी.एन.ए., फ्री प्रेस जर्नल, मिड डे, इंडिया टुडे, बिजनेस स्टैण्डर्ड, ध हिन्दू, एशियन एज इत्यादी थे। इन में से कुछ फातेमी दावत के वेबसाइट पर उपलब्ध है।

इंडिया टुडे: का एहवाल संक्षिप्त में:

धार्मिक बाबतो में पारदर्शिता से समाज को लाभ होगा: सैयदना

“मैं चाहता हूँ कि दाउदी बोहरा समुदाय में शांति और भाईचारा काइम रहे”। सैयदना फखरुद्दीन ने अपने पिता और पूर्वाधिकारी ने की नस्स द्वारा ५४ वे दाई अल मुतलक के रुतबे में काइम होने के बाद अपनी पहली प्रेस कांफ्रेंस में फरमाया। 

धर्मगुरु पद के उतराधिकार के विषय पर समाज में उठे कथित विवाद के संदर्भ में आप ने संबोधन किया।

हाल ही में बोम्बे हाई कोर्ट में अपने स्वर्गीय पिता सैयदना खुज़ैमा क़ुतबुद्दीन साहब द्वारा शेह्ज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन के खिलाफ़ दायर किये गए दाई अल मुतलक और सैयदना की – दाउदी बोहरा कौम के धर्मगुरु – के पद के उत्तराधिकार सम्बंधित केस को बहाल करने की (सैयदना फखरुद्दीन को उसी केस को जारी रखने की)  कोर्ट ने मंजूरी दी है । 

समुदाय के सदस्यों के बीच वफादारी के मुद्दे पर हुए समाज के कथित विभाजन के विषय में उन्होने कहा कि “हमारे समुदाय के लोग हमारे नैतिक मूल्यों – अख़लाक़, सीरत और उसूलो से वाकिफ़ है । मुझे उम्मीद है कि व़े अपने मज़हब और रहबर के विषय में सोच समझ कर निर्णय लेंगे।

सैयदना फखरुद्दीन ने कहा कि “हमें भारतीय न्याय पालिका में पूरा विश्वास है, और यकीन है कि सच्चाई के हक़ में और समाज के हित में फैसला होगा । समाज के हित को ध्यान में रखते हुए हम पूरी कोशिष में लगे हुए हैं कि अदालती कारवाई जल्द से जल्द हो।

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समुदाय के सभी सभ्यों को एक कर के, भारत के सर्वश्रेष्ठ नागरिक बनाने का मेरा लक्ष्य है, मेरे पिताश्री ने भी इस दिशा में बहुत कोशिशें की और मैं उनका अनुसरण करूँगा, सैयदना ने फरमाया।

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 “हम (समाज के सदस्य) बहुत प्रगतिशील है , और मैं चाहता हूँ कि व़े ज़माने से हमेशां आगेकदम रहे”। 

इन्शाअल्लाह प्रेस मीटिंग के वीडियो अंश जल्द ही पेश होगे।