بسم الله الرحمن الرحيم

نصر من الله وفتح قريب

(سورة الصف : ١٣)

नसरुन मिनल्लाहे व फतहुन करीब

मदद खुदा से है और फ़तहे मुबीन करीब है.

 (सुरतुल सफ्फ : १३)

 

जब सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (री.अ.) वफात हुए, फित्नत के कई मौज दावत के सफीने पर आए. जिस वक्त मुददई ने मिम्बर व मेहराब छीन लिया, तमाम मस्जिदों मशाहिद और ट्रस्टों पर कब्ज़ा कर लिया, सैयदना कुत्बुद्दीन (री.अ.), इमामुज़ ज़मान के शेर ने दावत के सफीने की अजब शान ने हिफाज़त की. आप से दावत के सफीने की बका है. दावत आबाद है. आपके वारिस मौजूद है. वह सब से बड़ी फतेह है. दुश्मनों के साथ जिहाद के दरमियान इमामुज़ ज़मान के शेर सैयदना कुत्बुद्दीन वफात हो गए.

सैयदना कुत्बुद्दीन के वारिस और सानी, शेरे बबर के शेहज़ादे शेरे बबर, सैयदना फखरुद्दीन (त.उ.श.), अजब अज़म के साथ दावत के सफीने को चला रहे है. जो दावत के दुश्मन है वे हैरत मे रह गए है. सैयदना फखरुद्दीन ने शेहज़ादा मुफद्दल सैफुद्दीन को मुबाहलत व मुनाज़रत (बहस) के लिए बुलाया. किसी ने जवाब नहीं दिया. सैयदना फखरुद्दीन के सामने आने की हिम्मत नहीं है.

सैयदना फखरुद्दीन ने कोर्ट में पेश किया कि आप सैयदना कुत्बुद्दीन के वारिस की हैसियत से, ५४ वे दाई की हैसियत से केस जारी रखना चाहते है. बॉम्बे हाई कोर्ट ने आपकी पेशी मंज़ूर की. सैयदना की फतेह हुई. अल-दाई अल-अजल अल-मुतलक सैयदना खुज़ैमां कुत्बुद्दीन - जो ओरिजिनल प्लेंटिफ (वादी) थे – आपके वफात के बाद आपकी जगह में अल-दाई अल-अजल अल-मुतलक सैयदना ताहेर फखरुद्दीन (त.उ.श.) को प्लेंटिफ मंज़ूर किया गया है.

सैयदना ताहेर फखरुद्दीन के बयानात व वाअजों का प्रसारण दुनिया में हर जगह होता है और हज़ारों लोग इंटरनेट के माध्यम से इन वाअज़ों व बयानात से फायदा लेते है. सैयदना फखरुद्दीन की प्रेस के साथ बैठक, आपके इरशादात, व्यापक तौर पर अखबार में बताई जाती है. दूसरी तरफ, मुखालेफीन का क्या हाल है कि मालूमात को फैलने से रोका जाए, और जो लोग मालूमात फैलाते है उन्हें रोका जाए (ख़ास तौर पर वोट्सएप और सोशिअल मीडिया पर रोक लगाईं जाए)  

जब तक उनके पैर के नीचे से ज़मीन नहीं खिसक जाती तब तक शायद दुश्मन को उसकी हार व खोट का एहसास नहीं होगा. इल्म के मैदान में तो वह हार चुके है. रहबरी के मैदान में हार चुके है, मोहब्बत के मैदान में हार चुके है.

इन मुकाबलों में मौला, दोआत मुत्लकीन के सिलसिले में ५४ वे दाई अल-मुतलक, दाउदी बोहरा कौम के सरदार, सैयदना फखरुद्दीन (त.उ.श.) जीत चुके है. आप हकीकतन अइम्मत और दोआत के इल्म के वारिस है. आप खुदा के नूर से देख कर हिदायत देकर कौम की मुश्किलात हल कर रहे है. आप रहमत व मोहब्बत की गादी पर, इमामुज़ ज़मान की नियाबत की गादी पर जलवा नुमा है. 

खुदा तआला कुरआन में फरमाते है कि, “मदद खुदा से है और फतहे मुबीन नज़दीक है” (नसरून मिनल्लाहे व फतहुन करीब). फतहे मुबीन नज़दीक है इन्शाअल्लाहो तआला. सैयदना ताहेर फखरुद्दीन जिंदाबाद.