मुमेनीन इस मुबारक मौके पर बरकात ले और यह अमल करे:

  • सैयदना कुत्बुद्दीन (री.अ.) की याद में और आपका वसीला लेने के लिए दरीस की तिलावत करे.
  • सैयदना ताहेर फखरुद्दीन (त.उ.श.) ने तसनीफ किया हुआ कसीदा मुबारका “या खैर मो’तरफिन बिल मज्दे वल करमी” की तिलावत करे. यह कसीदा आपने सैयदना कुत्बुद्दीन के मीलाद के मौके पर १४३६ ही. में तसनीफ फरमाया है. (ऑडियो रिकॉर्डिंग और अंग्रेज़ी तर्जुमा वेबसाईट पर उपलब्ध है) 
  • शेहज़ादी बज़त ताहेरा बाईसाहेबा ने जो मदेह लिखी है उसकी तिलावत करे.

२ साल पहले, सैयदना क़ुत्बुद्दीन रि.अ. ने बेकर्सफिल्ड, केलिफोर्निया में आपका आख़िरी बयान मुबारक फ़रमाया. उस बयान में सैयदना क़ुत्बुद्दीन रि.अ. ने फ़रमाया कि आप मौला की ७९ वी मीलाद है और आपने मुमिनीन के लिए बहुत दोआएँ फ़रमाई. आपने फ़रमाया कि “अल-वलदुल अग़र ताहेर, उसकी विलादत इस महीने की २६ वी तारीख है. दोनों दाई के मीलाद के दरमियान. ५२ वे दाई और ५३ वे दाई. दोनों बरकात मिली. यह मसर्रत भी मनाता हूँ.”