इस मुबारक रात में मुमिनीन इबादत के यह अमल करके सवाब हासिल करे.

१) मगरिब और ईशा की नमाज़ सुन्नत और नाफेलत के साथ पढ़े.

२) नबी के नाम ले. उसके बाद १० रकअत ततव्वो की नमाज़ पढ़े (बिहारी की हफ्ती जुज़ १, पन्ना क्र. १२९)

३) मुमिनीन वसीला मुबारका की रिकॉर्डिंग सुने.

४) बिहोरी पढ़े. बिहोरी के अमल की तफ्सीर, तर्जुमा और ऑडियो वेबसाइट पर पेश है. निस्फुल लैल की नमाज़ के बाद सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (री.अ.) का वसीला मुबारका सुने.

५) शफा की नमाज़ के पहले सैयदना हातिम (री.अ.) की दुआ पढ़े.

६) रहमत, मगफेरत और इत्कुन मिनन नार के लिए सैयदना क़ुत्बुद्दीन (री.अ.) के सलाम की तिलावत करे.