इन फ़ाज़िल रातों में मुमिनीन यह अमल करे:

  1. मगरिब और इशा की नमाज़ सुन्नत और नाफेलत के साथ पढ़े
    • मगरिब की सुन्नत की नमाज़ - फ़रज़ के बाद ३ सलाम और एक सलाम दफइल आफ़ात की नमाज़ का पढ़ें.
    • इशा की सुन्नत की नमाज़ - फ़रज़ के पहले २ सलाम पढ़ें.
    • इशा की नाफेलत की नमाज़ - फ़रज़ के बाद २ सलाम पढ़ें.

2. वशेक की नमाज़ पढ़े: २४ रकत नमाज़ पढ़े(१२ सलाम) और चढ़ती सूरत पढ़े (कुल अऊज़ो बेरब्बिन नास, कुल अऊज़ो बेरब्बिल फलक). वशेक की नीयत और दुआ की पी.डी.एफ. देखने के लिए यहाँ क्लिक करें.

3. सजदा वजही की दुआ पढ़ें.दुआ की पी.डी.एफ. देखने के लिए यहाँ क्लिक  करें. (१७, १९ और २१ वी रात की रिकॉर्डिंग में दुआ की ऑडियो मौजूद है)

4. वसीला मुबारका सुनें.सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने करम और एहसान फरमाकर आप मौला के वसीलों की रिकॉर्डिंग वेबसाइट पर पेश करने की रज़ा मुबारका फ़रमाई है. मुमिनीन से गुज़ारिश है कि वे यह रिकॉर्डिंग सुनते समय बराबर अदब का ख़याल रखे.

१७ वी रात सैयदी माज़ून साहेब अ.अ.ब. का वसीला मुबारका लाईव रिले के ज़रिए सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें.

१९ वी रात सैयदी माज़ून साहेब अ.अ.ब. का वसीला मुबारका लाईव रिले के ज़रिए सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें.

२१ वी रात सैयदी माज़ून साहेब अ.अ.ब. का वसीला मुबारका लाईव रिले के ज़रिए सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें.

१९ वी रात १४३ हि. का वसीला मुबारका सुनने के लिए नीचे क्लिक करें. 

१९ वी रात १४३९ हि. का वसीला मुबारका सुनने के लिए नीचे क्लिक करें. 

२१ वी रात १४३ हि. का वसीला सुनने के लिए नीचे क्लिक करें.