शेहरे रजब उल असब की पहली रात के मुबारक मौके पर मुमिनीन यह अमल करे:

  • मगरिब और ईशा की नमाज़ सुन्नत और नाफेलत के साथ पढ़े
  • २४ रकअत वशेक की नमाज़ (चढती सूरत) और सजदा वजही की दोआ की तिलावत करे। वशेक की नियत और दोआ के लिये यहाँ क्लिक करे
  • वसीला मुबारक‌ की‌ ऑडियो सुनने के लिए यहाँ क्लिक करें
  • सैयदना अल मोअय्यद अल शिराज़ी का कसीदा मुबारका "بمولانا الامام ابي تميم" की तिलावत करे