मुमेनीन इस मुबारक मौके पर बरकात ले और यह अमल करे:

  • मुमेनीन सैयदना ताहेर सैफुद्दीन (री.अ.) का तसनीफ किया गया कसीदा मुबारका “मीलादो मौलानल इमामित तैयेबी” की तिलावत करे. (pdf और अंग्रेज़ी में तर्जुमा वेबसाईट पर दिया गया है)
  • मुमेनीन सैयदना खुज़ैमां कुत्बुद्दीन के इरशाद मुताबिक १००००० (एक लाख) बार “या इमामज़ ज़मान” की तस्बीह करे.