इस मुबारक मौके पर मुमिनीन यह अमल करे:

  • माज़ूनुद दावत सैयदनल खत्ताब (री.अ.) का कसीदा मुबारका “अलैके सलामुल्लाहे वस सलवातु” की तिलावत करे. (सैयदना ताहेर सैफुद्दीन ने इस कसीदे में कुछ अब्यात जियादा तसनीफ फरमाई है). कसीदा और उसका तर्जुमा fatemidawat.com पर है.
  • याकूततो दावातिल हक शेह्ज़ादी डॉ. बज़अत ताहेरा बाईसाहेबा ने मौलातोना हुर्रतुल मलेका (री.अ.) की शान में दावत की ज़बान में जो सलाम लिखा है उसकी तिलावत करे.
  • शाबानुल करीम की २२ वी रात माज़ूनुद दावतिल ग़र्रा सैयदी अब्देअली भाईसाहेब सैफुद्दीन अ.अ.ब. दारुस सकीना में मौलातोना हुर्रतुल मलेका रि.अ. के उर्स मुबारक की मजलिस अक़्द फरमाएँगे इंशाअल्लाह. उर्स मुबारक की रात, मजलिस का समय ७:३० बजे से ८:१५ बजे का है. तमाम आलमे ईमान में उर्स मुबारक की मजलिस लाइव रिले की जाएगी इंशाअल्लाहो तआला. 

मुमिनीन मौलातोना हुर्रतुल मलेका (री.अ.) की अखबार के बारे में यह लेख पढ़ सकते है. यह लेख ज़ुमुर्रुदतो दावतिल हक़ शेह्ज़ादी डॉ. बज़अत सैफियाह बाईसाहेबा ने लिखा है. आपने ओक्स्फर्ड यूनिवर्सिटी में यमन के दोआत मुत्लकीन के इतिहास पर डॉक्टरेट हांसिल की है.  FatemiDawat.com पर यह लेख पढने के लिये यहाँ क्लिक करे.