आशूरा की रात में अमल :

आशूरा की रात तवस्सुल की नमाज़ पढ़ कर मुमिनीन "اللهم انت ثقتي" “अल्लाहुम्मा अंता सेकती” की दोआ पढ़े। नमाज़ बाद सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. ने आशूरा की रात में फरमाया यह बयान सुने। आशूरा की तमाम रात मुमिनीन बंदगी में गुज़ारे, बिहोरी की नमाज़ पढ़े ख़ाससतन निस्फुल लैल की नमाज़ पढ़े  – साथ में आराम भी ले ताके आशूरा के दिन बरकात लेने की ताक़त रहे।

आशूरा के दिन मुमिनीन लागन रखे। लागन रोज़े की तरह है। तमाम दिन भूखे और प्यासे रहे मगर नियत लागन की रखें। याने कि इमाम हुसैन और आप के एहले बैत और असहाब की भूख और प्यास को याद करते हुए लागन करे। छोटे फ़रज़न्दो को दोपहर के वक्त थोड़ा सा खाना – रोटी या बिस्किट खिलाए- जिस से कि उन में मातम करने की कुव्वत रहे। मुमिनीन मजलीस की आदाब के मुताबिक़ अमल करे और तमाम दिन हुसैन इमाम के गम में मशगूल रहे। मुमिनीन “या हुसैन” की तस्बीह आप के नाम मुबारक के अदद के मुताबिक़ १२८ बार करते रहे और “या अली” की तस्बीह ११० बार करते रहे।

  • जिन मुमिनीन को मुंबई, ह्युस्टन और लंदन में हाज़िर होना इमकान न हो, उन्हें मौलाना त.उ.श. ने करम फरमाकर आपके  १४३८ हि. के मक्तल के बयान की रिकॉर्डिंग सुनने की रज़ा मुबारक फ़रमाई है.

  • ज़वाल के बाद ज़ोहर की नमाज़ सुन्नत और नाफेलत के साथ पढ़े। जोहर के नाफेलत के बाद इमाम हुसैन के तकर्रुब की नमाज़, सैयदना ताहेर सैफुद्दीन, सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन और सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन की तवस्सुल की नमाज़ और दाईल अस्र की तुलुल उम्र की नमाज़ पढ़े। इन नमाज़ की नियत के लिए यहाँ क्लिक करे

اصلي صلوة الصلوات على داعي الائمةِ الفاطميين سيدنا طاهرٍ سيفِ الدين وداعي الائمةِ الفاطميين سيدنا محمدٍ برهان الدين و داعي الائمةِ الفاطميين سيدنا خزيمة قطب الدين و التوسلِ بِهم الى اللهِ تعالى ركعتين لله

اصلي صلوة الصلوات والدعاء لداعي الائمة الفاطميين سيدنا طاهر فخر الدين والتوسل به الى الله تعالى ركعتين لله 

  • मुमिनीन मुकासिरुद दावतिल गर्रा सैयदी हुसैन भाईसाहेब बुरहानुद्दीन के १४३६ हि. के वसीले की रिकॉर्डिंग तवस्सुल की नमाज़ बाद देखे.

  • वसीला बाद असर का सुन्नत और फ़र्ज़ पढ़े
  • दोपहर को (असर के वक्त) मुमिनीन मकतल का बयान देखे और सुने। इस बात का ख्याल रखे कि रेकोर्डिंग मगरिब की पहले तमाम सुन ले। सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. के सन १४३८ हि में पढ़े मकतल के बयान की रेकोर्डिंग देखने और सुनने यहाँ क्लिक करें

  • मगरिब के बाद "يا محسن قد جاءك المسيء"  और " اللهم يا معطي السؤالات" की दोआ इफ्तार से पहले पढ़े – जिसकी pdf फ़ाइल पन्ना नं. ३८ पर है