आशूरा की रात में अमल :

आशूरा की रात तवस्सुल की नमाज़ पढ़ कर मुमिनीन "اللهم انت ثقتي" “अल्लाहुम्मा अंता सेकती” की दोआ पढ़े। नमाज़ बाद सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. ने आशूरा की रात में फरमाया यह बयान सुने। आशूरा की तमाम रात मुमिनीन बंदगी में गुज़ारे, बिहोरी की नमाज़ पढ़े ख़ाससतन निस्फुल लैल की नमाज़ पढ़े  – साथ में आराम भी ले ताके आशूरा के दिन बरकात लेने की ताक़त रहे।

आशुरा की रात माज़ूनुद दावतिल ग़र्रा सैयदी व मौलाया अब्देअली भाईसाहेब सैफुद्दीन अ.अ.ब. मातम की मजलिस में तशरीफ़ लाएँगे. मग़रिब और इशा की नमाज़ बाद रात ७:४५ बजे (इंडिया टाइम) आप बयान मुबारक फरमाएँगे. यह बयान यूट्यूब पर लाइव रिले किया जाएगा इंशाअल्लाह: 


आशूरा के दिन मुमिनीन लागन रखे। लागन रोज़े की तरह है। तमाम दिन भूखे और प्यासे रहे मगर नियत लागन की रखें। याने कि इमाम हुसैन और आप के एहले बैत और असहाब की भूख और प्यास को याद करते हुए लागन करे। छोटे फ़रज़न्दो को दोपहर के वक्त थोड़ा सा खाना – रोटी या बिस्किट खिलाए- जिस से कि उन में मातम करने की कुव्वत रहे। मुमिनीन मजलीस की आदाब के मुताबिक़ अमल करे और तमाम दिन हुसैन इमाम के गम में मशगूल रहे। मुमिनीन “या हुसैन” की तस्बीह आप के नाम मुबारक के अदद के मुताबिक़ १२८ बार करते रहे और “या अली” की तस्बीह ११० बार करते रहे।

  • सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने करम और एहसान फरमाकर आपकी पिछले साल की आशुरा की वाअज़ यूट्यूब पर नशर करने की रज़ा फ़रमाई हैं: 

  • ज़वाल के बाद ज़ोहर की नमाज़ सुन्नत और नाफेलत के साथ पढ़े। जोहर के नाफेलत के बाद इमाम हुसैन के तकर्रुब की नमाज़, सैयदना ताहेर सैफुद्दीन, सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन और सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन की तवस्सुल की नमाज़ और दाईल अस्र की तुलुल उम्र की नमाज़ पढ़े। इन नमाज़ की नियत के लिए यहाँ क्लिक करे

اصلي صلوة الصلوات على داعي الائمةِ الفاطميين سيدنا طاهرٍ سيفِ الدين وداعي الائمةِ الفاطميين سيدنا محمدٍ برهان الدين و داعي الائمةِ الفاطميين سيدنا خزيمة قطب الدين و التوسلِ بِهم الى اللهِ تعالى ركعتين لله

اصلي صلوة الصلوات والدعاء لداعي الائمة الفاطميين سيدنا طاهر فخر الدين والتوسل به الى الله تعالى ركعتين لله 

  • आशुरा के दिन तवस्सुल की नमाज़ बाद सैयदी मुकासिर साहेब अ.अ.ब. दोपहर १:१५ बजे (इंडिया टाइम) वसीला लेंगे. वसीला मुबारका यूट्यूब पर लाइव रिले किया जाएगा इंशाअल्लाह: 

  • वसीला बाद असर का सुन्नत और फ़र्ज़ पढ़े
  • सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने करम और एहसान फरमाकर आपकी पिछले साल की मक़्तल की वाअज़ यूट्यूब पर नशर करने की रज़ा फ़रमाई हैं: 

  • મુમિનીન મુમિનાત ઓનલાઇન વાઅઝ દેખતી વખત અદબ નું ધ્યાન રાખે - જેમ મજલિસ માં હાજર થઈને અદબ રાખે તેમ. આ મૌલાના ની અઝીમ નેઅમત છે કે વબા ના હાલાત માં આ મિસલ ઓનલાઇન વાઅઝ દેખવાની રઝા મુબારક ફરમાવી છે. 
  • मगरिब के बाद "يا محسن قد جاءك المسيء"  और " اللهم يا معطي السؤالات" की दोआ इफ्तार से पहले पढ़े – जिसकी pdf फ़ाइल पन्ना नं. ३८ पर है