आप के नास की इक्तादा करते हुए सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. ने सन १४३६ हि में यह फसल फरमाया कि सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. के उर्स मुबारक की मजलीस १४ वी, १५ वी और १६ वी रबीउल अव्वल तीन दिन अक्द की जाए। सैयदना कुत्बुद्दीन रि.अ. के तारीखी नाम "تبركات أيام العرس" फसल फरमाया। इस तारीखी नाम के अदद १४३६ है के जिस साल सैयदना बुरहानुद्दीन का पहला उर्स मनाया गया।

१४ वी, १५ वी और १६ वी रात दारुस सकीना मुंबई में मगरिब और इशा की नमाज़ बाद, सैयदना बुरहानुद्दीन रि.अ. के उर्स की मजलीस अक्द की जाएगी ( जुमेरात की रात-२१ नवम्बर, जुमोआ की रात – २२ नवम्बर और शनिवार की रात २३ वी नवम्बर) उर्स की मजलीस बाद सलवात की नियाज़ होगी।

उर्स मुबारक के दिन, शाम को सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. उर्स मुबारक की मजलीस अक्द फ़रमाएंगे जिस में सैयदना हातिम रि.अ.,सैयदना ताहेर सैफुद्दीन रि.अ. और सैयदना  मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. की नियत पर दरीस की तिलावत होगी।

यह तीन रात, मुमिनीन सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. की नियत पर खतमुल कुरआन की तिलावत करे और इस तरह अमल करे:

१४ वी रात में अमल:

  • खतमुल कुरआन की तिलावत
  • सैयदना ताहेर सैफुद्दीन का कसीदा "برهان دين الله اصبح باهرا" की तिलावत करे, जिस कसीदे में आका ताहेर ने सैयदना बुरहानुद्दीन की ज़िक्र फरमाई है
  • नीचे लिखे लिस्ट में से एक मरसिया की तिलावत करे
  • इमाम हुसैन स.अ. का नौहा पढ़े
  • मदेह पढ़े

१५ वी रात में अमल:

  • खतमुल कुरआन की तिलावत
  • सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन का कसीदा "يا آل طه الرضى انواركم لامعة" की तिलावत करे
  • नीचे लिखे लिस्ट में से एक मरसिया की तिलावत करे
  • इमाम हुसैन स.अ. का नौहा पढ़े
  • मदेह पढ़े

१६ वी रात में अमल:

  • मगरिब और ईशा की नमाज़ बाद तवस्सुल की दो रकअत नमाज़ पढ़े (नियत वेबसाईट पर है, यहाँ क्लिक करे)
  • खतमुल कुरआन की तिलावत
  • सदकल्लाह की दोआ पढ़े
  • दरीस की तिलावत करे
    • दरीस में सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. ने सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. की शान में कसीदा लिखा है "عليك سلام الله برهان ديننا" इसकी तिलावत करे। (ऑडियो रेकोर्डिंग और अंग्रेजी तर्जुमा वेबसाईट पर है)
    • सैयदना बुरहानुद्दीन के वफ़ात के बाद सैयदना ताहेर फखरुद्दीन ने जो मरसिया तसनीफ फरमाया, “اجفت عيوني عند خطب النوائب”,  वह तिलावत करे। (अंग्रेजी में तर्जुमा और रेकोर्डिंग वेबसाईट पर है)
    • दरीस में याकूततो दावतिल हक्क शहज़ादी डॉ. बज़त ताहेरा बाइसाहेबा ने दावत की ज़बान में लिखे सलाम की तिलावत करे