५२ व़े दाई अल मुतलक सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. के उर्स मुबारक के मौके पर दारुस सकीना, मुंबई में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. खतमुल कुरआन की मजलीस में जलवा अफ़रोज़ हुए।

उर्स  के दिन खतमुल कुरआन के बाद सैयदना ने सदकल्लाह की दोआ पढ़ी, जिस में आप ने सैयदना बुरहानुद्दीन रि.अ. की ज़िक्र फरमाई:

तर्जुमा - “आप खुदा के दीन के रौशन बुरहान थे, आप के फ़ज़ाइल सूरज के मिसल चमकते थे, आप की अज़ीम शान सुलैमान नबी के मिसल थी, खुदातआला और इमाम उज़ ज़मान के नज़दीक आप का अजब करीम मकाम था, आप मुमिनीन के शफीक बावा थे, आप आसरा ढूँढनेवालो के लिए आसरा थे”

सदकल्लाह बाद सैयदना हातिम रि.अ., सैयदना ताहेर सैफुदीन रि.अ., सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. और सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. की नियत पर दरीस की तिलावत हुइ और सैयदना बुरहानुद्दीन रि.अ. की याद में सलाम और मरसिया की तिलावत हुइ। बाद में मुमिनीन सलवात की नियाज़ में शामिल हुए।

मजलीस के फोटोग्राफ फातेमी दावत की वेबसाईट पर पेश है।