इमाम हुसैन अ.स. के चेहलुम की रात (२० वी सफ़र अल मुज़फ्फर १४४० हि) दारुस सकीना मुंबई में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने मगरिब और इशा की नमाज़ इमामत से पढ़ाई और इमाम हुसैन अ.स. के चेहलुम की वाअज़ अक्द फरमाई।

आशूरा बाद हुसैन के कातिल एहले बैत के काफिले को ज़ुल्म और सितम करते हुए करबला से कूफ़ा और कूफ़ा से शाम पैदल चलाकर ले गए, ताके लुटाया हुआ काफ़िला मदीना पहुंचा, इस वाक़िये की सैयदना ने पुरदर्द ज़िक्र फरमाई। मुमिनीन की आँखों से आंसू के बारिश बहते रहे। सैयदना ने आका हुसैन अ.स. की शहादत वो जज़्बे और वलवले से पढ़ी कि आशूरा का मंज़र नज़र आया।

सैयदना त.उ.श. ने ‘अलम’ – जिस से कुरआन मजीद की बाज़ सूरतें शुरू होती है, इन हुरूफ़ की माअना बयान फरमाई और इस ज़िमन में अंबिया अ.स. ने हुसैन इमाम की शहादत पर हुज़ुन किया यह ज़िक्र फरमाई।

सैयदना त.उ.श. ने आका हुसैन का वसीला ले कर मुमिनीन, मुमेनात और उनके प्यारे फ़रज़न्दो के हक में बहुत दोआए फरमाई और मुंबई हाई कोर्ट केस में नसरे अज़ीज़ और फतहे मुबीन की दोआ की।

सैयदना त.उ.श. ने करम फरमा कर आलमे ईमान में मुमिनीन के लिए वाअज़ रिले करने की रज़ा फरमाई। इस वाअज़ की रेकोर्डिंग यहाँ क्लिक कर के यु-ट्यूब पर देखी जा सकती है।