सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. ने शेहरे रजबुल असब की पहली रात को दारुस सकीना में मगरिब और ईशा की नमाज़ इमामत से अदा की और वशेक की नमाज़ बाद अजब तज़ररो और वलवले के साथ वसीला लेकर दोआ की। पंजेतन स.अ., अइम्मत स.अ. और दोआत किराम स.अ. ख़ास सतन सैयदना ताहेर सैफुद्दीन रि.अ., सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. और सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. – का वसीला ले कर सैयदना ने मुमिनीन के हक्क में दोआ फरमाई। सैयदना ने अमीरुल मुमिनीन, के जिन की विलादत के लिये काबा के दरवाज़े खुद ब खुद खुल गए, आप का वसीला लेकर दोआ फरमाई कि दावत के उमूर में फतहे मुबीन के दरवाज़े एक के बाद खुलते जाएँ।

रजब की पहली तारीख शाम को मुमिनीन को सैयदना त.उ.श. की कदमबोसी का शरफ हांसिल हुआ, कुछ तस्वीरें fatemidawat.com पर पेश की गयी है।