सैयदना कुत्बुद्दीन रि.अ. की हसनात जारिया है, हर साल ईद उल अदहा में दारुस सकीना, मुंबई में सैयदना कुत्बुद्दीन रि.अ. के वारिस, सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. की रज़ा और दोआ से हिज्बे खलीलुल्लाह के मेम्बर क़ुरबानी और तक्सीम की खिदमत बजाते है।

गए साल में दारुस सकीना में ८१ कुर्बानियां हुइ। २२५९ घरों में गोश की हाथो हाथ तकसीम की गयी। खिदमत गुज़ारों ने इस प्रोग्राम के लिए २८४ घंटे खिदमत बजाई। 

हिज्बे खलीलुल्लाह का मकसद यह है कि :

  1. कुरबानी के बकरे शरीअत के एहकाम के मुताबिक़ हो
  2. कुरबानी का गोश करामत के साथ मुमिनीन और मुस्लेमीन के घर तक पहुंचाया जाए, ख़ास कर कम इस्तेताअत के लोगो के दरमियान
  3. क़ुरबानी और तकसीम के प्रोग्राम से कौम में मोहब्बत और तआवुन का मान्हौल पैदा हो

प्रोग्राम का तफसील से रिपोर्ट वेबसाईट पर पेश किया गया है। सैयदनल मिनआम के इरशाद मुताबिक़ जो मुमिनीन इस प्रोग्राम में शामिल हुए, उन्हें खर्च की तफसील भी बताई गयी ( बकरे का खर्च, देख रेख का खर्च, ज़बीहत और कसाई का खर्च वगैरह)। यह रिपोर्ट (खर्च की तफसील के सिवा) वेबसाईट पर पेश किया गया है।

इस साल जिन मुमिनीन को इस प्रोग्राम में शामिल होना हो तो [email protected] पर इ-मेल करके ३ रि ज़िल हिज्जा के पहले खबर करे। जितनी कुरबानी करनी हो, और ज़बीहत किस नियत पर है, यह लिखें। बाकी ज़रूरी मालूमात भी दी जाएंगी (पेमेंट वगैरह)