ईदे ग़दीरे खुम के दिन सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. दारुस  सकीना बेकरसफील्ड में  नमाज़ के लिए तशरीफ़ लाए. आपने शुक्रन लिल्लाह की नमाज़ ज़वाल के वक्त पढ़ाई और शानदार वसीला लिया जिसमें आपने तमाम मुमिनीन के लिए दोआ मुबारक फ़रमाई. वसीले के बाद सैयदना ने वाअज़ मुबारक फ़रमाई और हाज़रीन का मीसाक लिया. कई नए मीसाक भी लिए. इमामुज़ ज़मान की ताईद की सवारी के साथ सैयदना ने अली की शान में कुराने मजीद की ३ सिफ़त बयान फ़रमाई - अली ए हकीम, अली ए अज़ीम, और अली ए कबीर - और उन्हें अमीरुल  मुमिनीन मौलाना अली  इब्ने अबी तालिब के ३ मक़ाम के साथ वसल फ़रमाया. सैयदना ने ग़दीरे खुम के किस्से का बयान फ़रमाया और इस दिन का फज़ल और उसकी माना बयान फ़रमाई. सैयदना ने मुमिनीन का मीसाक लिया और कई फ़रज़न्दों का जदीद मीसाक भी लिया.