अय्यामुल बरकातिल खुल्दियाह में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन (त.उ.श.) ५१ वे दाई सैयदना ताहेर सैफुद्दीन (री.अ.) के उर्स मुबारक के मौके पर बेकर्सफिल्ड, केलिफोर्निया, अमरीका में खतमुल कुरआन की मजलिस में जलवा नुमा हुए.

सदक़ल्लाह की दोआ में सैयदना (त.उ.श.) ने दोआत मुत्लकीन के दरमियान मौलानल मुक़द्दस फी आला इल्लियीन के अज़ीम मक़ाम की ज़िकर फरमाई. आपने फरमाया कि सैयदना ताहेर सैफुद्दीन को इमामुज़ ज़मान ने इतना करीब किया कि “काब कौसैने अव अदना” – दो कौसैन (भौहे) जितना करीब, बलके और करीब. इस ज़िक्र में आपने कुरआन मजीद की आयत पर इशारा किया जिसमें रसुलुल्लाह के मेराज की ज़िकर है, रसुलुल्लाह को खुदा ने इतने करीब किया कि जितनी दो भौहें के बीच जगह होती है. बल्कि ज़्यादा. (सुरतुल नज्म: ८)

सदक़ल्लाह के बाद सैयदना ताहेर सैफुद्दीन (री.अ.) की नियत पर दरीस की तिलावत की गई.

सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (री.अ.) का कसीदा मुबारका “अलैका सलामुल्लाहे दाबन मोअब्बदा” की तिलावत हुई और सैयदना खुज़ैमां कुत्बुद्दीन का दावत की ज़बान में मर्सिया “तस्बीह करे छे मुमिनीन” की तिलावत हुई.