सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. की रज़ा और दुआ मुबारक से २१ वी और २२ वी जुमादल उखरा १४४० हि. को, दारुस सकीना थाना में मसूल कोऑर्डिनेशन कमिटी के ज़ेरे एहतेमाम सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. के तीसरे उर्स मुबारक के अय्याम में पहली मसूल कॉन्फरन्स अक़्द हुई.

कॉन्फरन्स का मकसद यह था कि किस तरह ज़ियादा से ज़ियादा दावत की खिदमत और मूमिनीन की खैर ख़्वाही की जाए. उर्स मुबारक और इस कॉन्फरन्स के लिए चालीस से ज़ियादा मसूल और दावत की कमिटियों के कुछ ख़िदमतगुज़ार हिंदुस्तान, यू.ए.ई., सिंगापोर, हॉन्ग कॉन्ग, यू.के. और अमरीका से हाज़िर हुए.

सैयदना ताहेर फखरुद्दीन ने कॉन्फरन्स का इफ्तेताह फ़रमाया और मसूलों को नूरानी कलेमात से फ़ैज़याब किया. बयान में आपने मसूलों को अमल और खिदमत की में रगबत दिलाई और उनकी हिम्मत बढ़ाई. आपने मसूलों को  इरशाद फ़रमाया कि उन्होंने एहेद दिया है और उनपर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है. आपने फ़रमाया की हर एक मसूल अपने बिलाद में सैयदना के प्रतिनिधि है जिसके कारण उनपर बहुत ज़िम्मेदारियाँ है. उसके बाद सैयदना ने फ़रमाया कि “मसूल” का शब्द “सवाल” से निकलता है, जिसका अर्थ यह है कि हर मसूल अपने कर्तव्य के लिए जवाबदेह है. तमाम मसूलों और मुमिनीन में सैयदना के बयान से, आपकी शफकत और मौएज़त के कलाम से उत्साह और नशात ज़ियादा हुआ और सभी को अपनी ज़िम्मेदारियों का एहसास हुआ.

कॉन्फरन्स के इन दो दिनों में कई तकरीरें, गुफ्तगू, चर्चा, प्रेज़ेंटेशन और मीटिंग हुई, जिनमें प्रत्येक मसूल और ख़िदमतगुज़ार ने अपने विचार प्रस्तुत किए. मुमिनीन को दावत और दाई के करीब किस तरह लाया जाए, मुमिनीन को सैयदना के पैगाम किस तरह पहुँचाए जाए और किस तरह  मुमिनीन की बहबूदगी और खैर ख़्वाही के लिए तदबीर हो, इन विषयों पर चर्चा हुई.

दावत की कमिटियों के ख़िदमतगुज़ारों ने यह ज़िकर की कि वे किन ख़िदमतों को अंजाम दे रहे है और किस तरह यह आमाल किए जा रहे हैं. इनमें कम्युनिकेशन, राज कमिटी, फाइनेंशल एडवाइज़री (कर्ज़न हसना और मुवासात) और कुत्बी ज्युबिली स्कॉलरशिप प्रोग्राम की कमिटियों के ख़िदमतगुज़ार भी मौजूद थे

हर मसूल ने अपने इलाके के बारे में तफ़्सीर से ज़िकर की. अपने अपने इलाकों में उन्हें क्या क्या कामयाबियाँ हासिल हुई है और कैसी मुश्किलों का सामना उन्हें करना पढ़ रहा है, इसके बारे में ज़िक़रें की. मसूलों को एक दूसरे के अनुभवों के बारे में जानकर बहुत फायदा हुआ.

कॉन्फरन्स में मोहब्बत का माहौल था. अलग अलग जगहों के मसूल एक दूसरे से मिलकर बहुत खुश हुए. भोजन के वक्त और दारुस सकीना के पास उपवन तालाब पर पिकनिक का भी सब ने लुत्फ़ उठाया.

कॉन्फरन्स का ख़िताम सैयदना कुत्बुद्दीन रि.अ. के उर्स की रात के मौके पर हुआ. मसूलों को कॉन्फरन्स से बहुत फायदा हासिल हुआ और उन्होंने “एक्शन आइटम” की एक लिस्ट तैयार की जिसमें आनेवाले महीनों में जिन कामों को अंजाम देना है, उसकी ज़िकर है.