आलिमे आले मोहम्मद, सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इल्म और हिकमत का मंबा (स्त्रोत) है। जो मुमिनीन सबक के हलके में शामिल होते है, उन्हें मौलाना ने करम फरमा कर रज़ा फरमाई है कि सैयदना के सबक में हाज़िर हो, और इमाम उज़ ज़मान के नाइब के नज़दीक से आले मोहम्मद के इल्म की बरकात हांसिल करे। यह सबक दाइज़ ज़मान सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. के मिलाद (२६ वी रबीउल आखर) और सैयदना खुज़ैमा कुत्बुद्दीन रि.अ. के मिलाद मुबारक के मौके पर (२९ वी रबीउल आखर) के दरमियाँ तीन दिनों तक अकद होगे।

सबक का प्रोग्राम इस तरह है:

  • पहला सबक: रबीउल आखर की २७ वी रात (गुरुवार ३ जनवरी) मगरिब ईशा नमाज़ बाद, दारुस सकीना, मुंबई
  • दूसरा सबक: रबीउल आखर की २८ वी रात (शुक्रवार ४ जनवरी) मगरिब ईशा नमाज़ बाद, दारुस सकीना, मुंबई
  • तीसरा सबक: रबीउल आखर की २९ वी रात (शनिवार ५ जनवरी) मगरिब ईशा नमाज़ बाद, दारुस सकीना, मुंबई

मुमिनीन जो पूरे साल भर सबक के हलके में शामिल होते है, व़े खास विडिओ लिंक के ज़रिये सबक में शामिल हो सकेंगे।