रसुलुल्लाह स.अ.व. सैयदुल मुर्सलीन और खातमुन नबीयीन हैं. रसुलुल्लाह का यह मकाम अज़ीम है और कुराने मजीद में खुदा तआला आपकी सिफ़त में फरमाते हैं कि आपके अख़लाक़ अज़ीम हैं - "انك لعلى خلق عظيم." क्या जन्नत हासिल करने के लिए ईमान और मोहब्बत काफी नहीं? नेक अख़लाक़ और लोगों के साथ बेहतर सुलूक का ईमान के साथ क्या जोड़ है?

मुमिन के अख़लाक़ कैसे होने चाहिए? मुमिन क्या करें? क्या न करें?

मजालिसुल हिक्मत की १९ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.