क़ुराने मजीद में खुदा तआला फरमाते हैं कि जो कोई एक दाने के बराबर भी खैर करेगा तो देखेगा और कोई दाने के बराबर भी शर करेगा तो देखेगा.

शर वुजूद में कैसे आया? खुदा तआला हर चीज़ के ख़ालिक़ हैं लेकिन खुदा ने तो शर नहीं बनाया? यह तो नामुमकिन है. तो शर किस तरह आया?

अमरुल मुमिनीन स.अ. ने दुनिया में शर के तीन असल का बयान फ़रमाया है. वे क्या है?

क़ुराने मजीद में खुदा तआला ने “खैरुल बरीयत” दुनिया में सबसे अच्छे लोग और “शर्रुल बरीयत” सबसे बुरे लोग - इन दोनों की ज़िक्र फ़रमाई हैं. अच्छे लोगों की गिनती में हम किस तरह शामिल हो और बुरे लोगों से किस तरह बचे? खासकर हमारे फ़रज़न्दों को शर से कैसे बचाएँ?

मजालिसुल हिक्मत की ३९ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.