लैलतुल कदर मुकबिल है. कुराने मजीद में खुदा तआला फरमाते हैं कि लैलतुल कदर की शान हज़ार महीनों से बढ़कर हैं. ऐसा क्यों? लैलतुल कदर की क्या फ़ज़ीलत है? इस रात की ख़ास बात क्या है?

इन्ना अन्ज़लनाहो की सुरत में “लैलतुल कदर” तीन बार है, यह क्यों, तीन बार क्यों?

लैलतुल कदर की शान पहचानकर उसमें किस तरह इबादत करे? अमल कैसे करे?

मजालिसुल हिक्मत की ११ वी मजलिस में सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.