मुलहेदीन (नास्तिक लोग) यह कहते है कि दीन में मानने वाले तर्क से सोचते नहीं और वे अंधश्रध्दालू होते है. मुलहेदीन यह कहते है कि जब खुदा दिखाई नहीं देते तो कैसे इल्म हुआ कि खुदा हैं? वे बहस करते है कि यदि पैदाइश अपने पैदा करने वाले पर दलालत करती है, तो फिर पैदा करने वाले को किसने पैदा किया?

हुदात किराम इन हुज्जतों और सवालों के जवाब किस तरह देते हैं? मुलहेदीन की गलत हुज्जतों को किस तरह तोड़ते हैं?

मुमिन इलहाद (नास्तिकता) के शर से कैसे बचे? खुदा की सही मारेफ़त किस तरह करें?

मजालिसुल हिक्मत की ४० वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.