अवलिया किराम इरशाद फरमाते हैं कि रजब के महीने के दिन खुदा तआला के चुने हुए दिनों में से हैं. खुदा तआला कुराने मजीद में मूसा नबी को खिताब फरमाते हैं कि आप खुदा के दिनों की याद दिलाइए.

ज़ाहिर में जब सूरज उगता है और ढल जाता है उसे एक दिन कहते है. तो एक दिन की दूसरे दिन पर तफ्ज़ील क्यों? रजब के महीने की मीज़त क्यों है? यह खुदा के दिन क्यों है?

रजब के उम्रे की मीज़त क्यों है? रजब के रोज़े, रजब में अय्यामुल बीज़, रजब में मेअराज और मबअस और रजब की पहली रात - इन मीक़ातों की क्या माअना है, क्या अहमियत है?

मजालिसुल हिक्मत की ४२ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.