दुनिया में कई फिरके और मज़ाहिब है. हक़ की बात क्या है, उस पर यकीन किस तरह करें? हमारी मान्यता सही है उस पर यकीन किस तरह तरह करें? यकीन और हक़ का मीज़ान क्या है?

इंसान जब किसी चीज़ को देखता है तो उसके बारे में उसे यकीन होता है. लेकिन मुमिनीन ग़ैब का ईमान लाते हैं, खुदा में मानते हैं जो खुदा दिखाई नहीं देते. जो आँखों से गायब है उसे यकीन के साथ किस तरह माने?

मुमिनीन रसुलुल्लाह स.अ.व. को मानते हैं, जो रसुलुल्लाह १४०० साल पहले तशरीफ़ लाए, कुरान लाए, हदीसे फ़रमाई. तो यह यकीन से किस तरह माने कि रसुलुल्लाह ने यही फ़रमाया हैं?

अमीरुल मुमिनीन स.अ. ने फ़रमाया कि शक में नमाज़ पढ़ने से यह बेहतर है कि यकीन के साथ सो जाना. इस कलाम की तावील में क्या माअना है?

मवाली ताहेरीन के यकीन की क्या शान है? दुनिया की आमेज़गी में यकीन हांसिल करने के लिए क्या हिदायात है?

मजालिसुल हिक्मत की ६१ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.