मुमिन दोआ में इखलास किस तरह करें? इखलास करने में हिक्मत क्या है? दोआ करते समय क्या एतेक़ाद और ख़याल हो ताकि उम्मीदें पूरी हो, बरकात ज़्यादा हो और आख़ेरत की तैयारी हो?

दोआ किस तरह करनी चाहिए उसके मुताल्लिक मवाली ताहेरीन ने कई इरशादात फरमाएँ हैं. दोआ इखलास से करे, सजदे में दोआ करे, वसीला लेकर दोआ करे, मवाली ताहेरीन को दोआ के लिए अर्ज़ करे, मवाली ताहेरीन की दोआएँ पढ़कर दोआ करे - इन इरशादात में क्या हिक्मत है?

खुदा तआला कुराने मजीद में फरमाते है कि तुम दोआ करो मैं जवाब दूंगा. खुदा ने वादा किया है कि मैं जवाब दूंगा. अगर कोई यह सवाल करें कि मैंने दोआ की लेकिन मुझे जवाब नहीं मिला तो उसके सवाल का क्या जवाब है?

मजालिसुल हिक्मत की ५४ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.