दुनिया मुसीबत और बला का घर है. मुमिन हिम्मत और हौसला बुलंद रखकर ज़िन्दगी किस तरह बिताए? ऐसे हालात में हिम्मत के साथ आख़ेरत की तैयारी किस तरह करे?

अगर किसी को रोज़ी में तंगी के कारण, रिश्तों में या सेहत में तनाव के कारण हम ग़म हो जाए, तो उसे क्या करना चाहिए? ऐसे हालात में हिम्मत रखने का एक नादिर नुस्खा है जिसकी ज़िक्र कुरान में है. यह नुस्खा क्या है?

हौसला बुलंद रखने के लिए रसुलुल्लाह स.अ.व. ने कौनसी तस्बीह करने का इरशाद फ़रमाया हैं? अमीरुल मुमिनीन स.अ. ने क्या इरशादात फरमाएँ हैं? मवाली ताहेरीन के अमल में क्या हिदायत है?

मजालिसुल हिक्मत की ५३ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं.