पहले मजालिसुल हिक्मत में यह बयान हुआ कि शीआ और सुन्नी, यह फिरके किस तरह हुए, ज़ैदी फिरका मोहम्मदुल बाकिर इमाम स.अ. के ज़मान में किस तरह हुआ. अब इसना अशरी फिरका जाफरुस सादिक़ इमाम स.अ. के ज़मान में किस तरह अलग हुआ? इस सवाल का जवाब सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इस मजलिस में शुरू फरमाते हैं.

जाफरुस सादिक़ इमाम स.अ. के वारिस इस्माइल इमाम स.अ. और इमाम मोहम्मद बिन इस्माइल स.अ. को छोड़कर लोग जाफरुस सादिक़ इमाम स.अ. के दूसरे फ़रज़न्द मूसा काज़िम को क्यों इमाम मानने लगें?

जाफरुस सादिक़ इमाम स.अ. ने आपके फ़रज़न्द इस्माइल इमाम स.अ. की ग़ैबत क्यों ज़ाहिर की?

और जाफरुस सादिक़ इमाम स.अ. ने मोहम्मद बिन इस्माइल इमाम स.अ. को ईरान क्यों भेज दिया?

इसना अशरी फिरके के लोग यह मानते हैं कि उनके १२ वे इमाम ग़ार में गए और अभी भी वे ज़िंदा है और वापस आएँगे. इस अक़ीदे के खिलाफ हुदात किराम ने क्या हुज्जत की हैं?

मजालिसुल हिक्मत की ५१ वी मजलिस में सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. इन सवालों के जवाब फरमाते हैं. बाकी बयान अगली मजलिस में फरमाएँगे इंशाअल्लाह.