सैयदना ताहेर फखरुद्दीन त.उ.श. आप के साबिक दोआत की परंपरा अनुसार हर सप्ताह मुमिनीन की बैठक अक्द फरमाएंगे । ज़मान के हालात के सबब मुमिनीन को दाई की हज़रत में रूबरू पहुँचने की मुश्किलात को मद्देनजर रखते हुए, सैयदना त.उ.श. की हज़रत में मुमिनीन अपनी अर्ज़ पेश सके इसके खातिर हर सप्ताह इंटरनेट पर विडिओ कोंफरंसिंग (video conferencing via internet) के ज़रिये बैठक होगी।

मुमिनीन बैठक में शामिल हो कर सैयदना फखरुद्दीन के रूबरू अपने किसी भी उमूर मसाइल की, पूरी तरह खानगी में, अर्ज़ कर सकते है। बैठक के दौरान दो-तरफा विडिओ कोंफरंसिंग सहूलियत काइम की जाएँगी।

यह अज़ीम नेअमत सैयदना फखरुद्दीन त.उ.श. के इरशाद और रहनुमाई से मुमिनीन को मिली है और मुमिनीन को लाज़िम है कि सैयदना की बैठक में रूबरू हाज़िर होने की तरह तहज़ीब और आदाब का ख्याल रखकर इस अज़ीम नेअमत की कद्र करें।

मुमिनीन [email protected] पर इ-मेल कर के बैठक मे मुलाक़ात का वक्त हांसिल करें। इम्कान के मुताबिक खिदमत गुज़ार जल्द अज़ जल्द वक्त मुक़र्रर करेंगे।

दाई की हज़रत में सरलता से पहुँचना हर मुमिनीन को इम्कान होना चाहिए, न सिर्फ कुछ खास लोगो के लिये। दोआत मुतलकीन ने यह नेहेज फ़रमाई ताके मुमिनीन सिर्फ दीन और मज़हब के मसाइल ही नहीं बलके अपनी ज़िन्दगी के हर पेहलू में बेह्बूदगी के लिये दाई की सलाह और दोआ हांसिल कर सके।

सैयदना ताहेर सैफुद्दीन रि.अ. मुमिनीन के खातिर बैठक में देर रात तक तशरीफ़ रखते थे। उसी तरह सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. के ज़मान में लम्बे अरसे तक तमाम मुमिनीन के लिये बैठक के दरवाज़े खुले रहते थे। सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. की बैठक सैफी महल मे ग्राउंड फ्लोर होती थी और साथ साथ उसी समय आपके माजून सैयदना खुज़ैमा क़ुतबुद्दीन रि.अ. सैफी महल की पहली मंजिल पर बैठक में तशरीफ़ रखते थे। मुमिनीन पहले अपने दाई की कदमबोसी करने की बरकात हांसिल करते और बाद में आप के माजून और मनसूस की कदमबोसी का शरफ हांसिल करते थे।

बाद के कुछ वर्षोँ में कुछ लोगो ने दाई की हज़रत में सिर्फ रसूख रखनेवाले रईस ही दाई की हज़रत में पहुँच सके ऐसी पैरवी की – दौलत और शोहरत को एहेम्मियत दी गयी, तकवा और इल्म को नज़रअंदाज़ किया गया।

सैयदना क़ुतबुद्दीन रि.अ. दाई के मर्तेबे में काइम होने के बाद सैयदना ताहेर सैफुद्दीन रि.अ. और सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन रि.अ. की नेहेज को जारी रखते हुए हर सप्ताह मुमिनीन के लिये बैठक में तशरीफ़ रखते थे – जिसमें आप को सैयदना बुरहानुद्दीन रि.अ. के हक्कन वारिस मानने वाले कई मुमिनीन आप से मुलाक़ात करते थे।