शेहरे रमज़ान में हर रोज़ सैयदी माज़ून साहेब अ.अ.ब. पंजतन पाक, अइम्मत ताहेरीन और दोआत मुत्लक़ीन की अखबार में से मुख़्तसर ज़िक्र फरमाते जिससे सबक लेकर दुनिया और आख़ेरत की सआदत हासिल होती है.